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बेकार पड़ी वस्तुओं का करें उपयोग

 मंजू ओमर
मंजू ओमर
5th Oct, 2020

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मैं हावड़ा से दिल्ली जा रही थी । मेरे सहयात्री एक मारवाड़ी परिवार से थे ।सफर के दौरान आपस में घनिष्ठता हो गई । पांच छह स्टेशन निकले होंगे इसी बीच कम उम्र के दो तीन लड़के डिब्बे में क्षाडू लगाने आ गये ।क्षाडू लगाने के बाद सभी ने कुछ पैसे दिए वहीं उस मारवाड़ी महिला ने एक बड़ा सा बैग अपनी ओर खींचा और उसमें से दो जोड़ी पैंट शर्ट निकाला और उन बच्चों को पकड़ा दिए बच्चे ख़ुशी से बोल उठे सलाम मेमसाब। मेरे लिए यह ये आंखों देखा अनुभव नितांत नया था । बच्चों के जाने के बाद मैं अपनी उत्सुकता रोक न सकी कुछ सवाल कर ही बैठी । उन्होंने जवाब दिया साल में एकाध बार कहीं न कहीं सफर करने कि मौका अवश्य मिलता है मैं घर के कुछ पुराने उपयोगी कपड़े लेकर अवश्य निकालती हूं । तथा इसी तरह जरूरत मंदो में बांट देती हूं ।साथ में कुछ खाने पीने की चीजें भी दे देती हूं । उन्होंने बताया कि किसी भी बच्चे को पैसा नहीं देना चाहिए । क्योंकि इस पैसे से वे नशा करते हैं ।और अपना जीवन बबाद करते हैं । घर में एक नौकरानी है उसकी मदद तो। म करते ही रहते हैं ।यह जरूरी नहीं कि आप कपड़े टेन में ही दे मदद कहीं भी की जा सकती है ।घर में पुराने डिब्बे बोतल पेंसिल रबर जूते चप्पल बर्तन स्कूल बैग किताब काफी ऐसी कितनी ही चीजें आपको मिल जाएगी जो अपने काम की नहीं होती और घर में बेकार पड़ी होती है । इन्हें बेवजह रखने का क्या औचित्य । कबाड़ी के हाथों न बेचकर आप किसी संस्था या सोसाइटी को दान दें जहां से जरूरत मंदो को मदद मिल सके। कपड़ों के बदले स्टील के बर्तन बेचने वाले खूब दिखते हैं ।एक छोटे-से बर्तन के ऐवज में ये कितने सारे कपड़े ले जाती है । एक दिन मैंने आठ पुरानी साड़ियों और पांच पैंट शर्ट के बदले एक छोटा टिफिन ख़रीदा था ।जब‌अपने यहां की काम वाली बाई को मैंने यह बात बताई तो वह बड़े दुखी मन से बोली बहिन जी यदि आपको टिफिन बाकस ही खरीदना था तो आप पैसे से भी ख़रीद सकती थी वो साड़ियां मुकरने दे देती तो छह महीने तक मैं पहनती । उसकी ये बातें सुनकर मुझे बड़ी ग्लानि हुई और मैंने उसी समय ये प्रतिज्ञा कि अब से जरूरत मंदो को ही कपड़े दूंगी।घर की आलमारीयो में बहुत से बतन बस शोभा बढ़ाते है । लेकिन फिर भी बाजार में जब भी कोई नया बर्तन दिखाई दिया तो उसे घर ले आते हैं ।कम से कम घर में पड़ी अनावश्यक चीज़ों को अगर किसी गरीब को दे दी जाये तो वे राजी खुशी ले लेंगे और आपको दुआएं देंगे हो अलग ।

मंजू ओमर
क्षांसी

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