Bluepadदूसरों को कमतर न समक्षे
Bluepad

दूसरों को कमतर न समक्षे

 मंजू ओमर
मंजू ओमर
1st Oct, 2020

Share

पिछली फरवरी में मेरे एक रिश्तेदार की लड़की की शादी हमारे शहर के एक अच्छे परिवार में हुई ,जो आर्थिक रूप से ठीक था । शादी के बाद लड़की का बात करने का तरीका ही बदल गया अब उसे अपने मायके की हर चीज सस्ती और छोटी नजर आने लगी थी ।वह जब भी हमसे मिलती कार का गुणगान किये बिना न रहती , क्यों कि हमारे यहां कार नहीं थी ।वह कहती मैं जहां भी जाती हूं कार से ही जाती हूं इस आटो रिक्शे से भगवान ही बचाए जबकि शादी से पहले वो आटो रिक्शे में ही चलती थी ।एक दिन वह सबके सामने कहने लगी। हमारे ननिहाल में तो क्या खाते खिलाते हैं मेरे ससुराल वाले तो मुझे काजू किशमिश खिलाते हैं । ऐसी बात सुनकर हम अवाक रह गए । मेरी मम्मी मुशकरा कर बोली अभी नहीं बहू हो लाड़ प्यार तो होगा ही ।
उसके बाद हमारी मुलाकात दिसम्बर में हो सकी,कुछ देर बात करने के बाद वह उदास हो गई। मम्मी ने उदासी का कारण पूछा,तो उसकी बड़ी-बड़ी आंखों से दो आंसू टपक पड़े , मम्मी ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा आंसू पोंछे और फिर पूछा कि क्या बात है ॽ कोई तकलीफ़ है उसने रोते रोते बताया मामीजी इतनी सर्दी में घर का सारा काम करना पड़ता है रात के बारह बजे सो पाती हूं ।मुक्षसे इस हालत में , गर्भावस्था में ज्यादा देर बैठा नहीं जाता , फिर भी कोई मदद नहीं करता ।
इसके बाद उससे मुलाकात तब हुई जब वह एक नन्हे से शिशु की मां बन गई थी । आश्चर्य की बात कि अब फिर से उसके बात करने का तरीका बदल गया था वो एक बार फिर पहले जैसी बातें करने लगी थी ।इन तीनों घटनाओं ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि कयी लड़कियों के व्यवहार में अभिमान की क्षलक कितनी जल्दी दिखाई देने लगती है।जरा से अच्छा लिखा कि सामने वाले को नीचा दिखाने की कोशिश । लेकिन दुनिया में स्थाई क्या है जिस पर नाज किया जा सके । जीवन में उतार चढाव तो आते रहते हैं सुख दुख जीवन के दो पहलू हैं ।सुख के समय घमंड़ करना यह‌ ठीक नहीं है सुख में अभिमान और दुःख में घबरा कर दूसरों के सामने अपने हालात पर रोना नासमझी है । दूसरों को कमतर या छोटा समक्षना अच्छी बात नहीं है ।

मंजू ओमर
क्षांसी

19 

Share


 मंजू ओमर
Written by
मंजू ओमर

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad