Bluepad मित्रता का जीवन में महत्त्व
Bluepad

मित्रता का जीवन में महत्त्व

Ankit Gupta
Ankit Gupta
27th Sep, 2020

Share

मित्रता का मतलब एक अनमोल रिश्ता है जो हमारी सुख दुख सभी में साथ देता है जब संसार के समस्त रिश्ते नाते छिन्न भिन्न हो जाते हैं तो एक मात्र रिश्ता जो हमारी मित्रता का होता है वह हमारे साथ खड़ा होता है तथा हमें सच्चाई और अच्छाई का ज्ञान कराता है मित्रता की एक मिसाल रहे द्वापर युग के राजा कृष्ण भगवान और सुदामा जी की मित्रता संसार में एक मिसाल बन कर उभर आई है जो हर एक मित्र को दूसरे मित्र की सहायता के लिए प्रेरणादायक हैं हमें भी ऐसे ही मित्रता करने चाहिए कि हम मित्रता की अहमियत को समझ सके आजकल लोग मित्रता को शारीरिक सुंदरता और धन दौलत के तराजू में तो लेने लगे हैं जिसका कोई महत्व नहीं है तथा मित्रता की आड़ पर वह मित्रता को धोखा दे रहे हैं तथा कलंकित करते हैं एक मित्र ने दूसरे मित्र के वस्तु पर उसके हक को अपना ही समझ कर उसने ग्रहण किया धोखा दिया तो इसका अंजाम क्या है यह तो हमें इतिहास में भी देखने को मिला है जिस प्रकार सुदामा जी ने भगवान श्रीकृष्ण के हिस्से के थोड़े से चने खा लिए थे वह एक मित्रता की धोखा दिया तो कहा गया है, गुरु संग कपट मित्र संग चोरी निर्धन हो या कोड़ी अर्थात जो मित्र के साथ चोरी करेगा गुरु के साथ कपट करेगा उसका अनादर करेगा उसका अपमान करेगा तो वह जीवन पर्यंत गरीबी थी या रोगों से ग्रस्त होगा अर्थात संसार में मित्रता एक अनमोल रिश्ता है यह ना तो पैसों की तरह जैसे तोड़ा जा सकता है यह तो एक दूसरे की भावनाओं को समझने का रिश्ता है जो हमें जिंदगी के सही रास्तों का अध्ययन कर आता है आपके पास चाहे जितना धन हो वह मायने नहीं रखता अगर आपके पास मित्रता रूपी धन नहीं है तो आपका वह धन बेकार है आप संसार से अपने सांसारिक सुख को खरीद सकते हैं किंतु मित्र की मित्रता उसका प्यार उसका अभिमान उसका स्वभाव आप पैसे से नहीं खरीद सकते हैं वह सिर्फ आपके व्यवहार पर निर्भर करता है मित्रता मित्र को आप जिस रूप में माने ना चाहो वह आपका भाई आपका गुरु अर्थात जैसा समय होगा वह उसी समय पर ढल जाएगा और आपकी सहायता करेगा वर्तमान समय में तो ऐसे मित्र और ऐसी मित्रता मिलना तो असंभव है क्योंकि संसार में अब लोग पैसों की और उसकी खूबसूरती की अहमियत समझते हैं ना कि उसके व्यवहार अहमियत को मानते हैं जो एक प्रकार से मित्रता के लिए उसका निरादर उसका अपमान है अर्थात आप मित्रता ऐसे करें जो हर समय एक दूसरे की भावनाओं को समझें उनके दुख दर्द को समझें और उसके दुखों के समय उसके साथ खड़े हो अगर आपके पास पैसा भी नहीं है और उस पर कोई दुख है आप उससे सिर्फ यही कह दें की भाई तुम चिंता मत करो मैं तेरे साथ हूं तू यह है 2 शब्द यह वह औषधि है जो है वह हृदय को स्पर्श करेगी और उसके आंखें नम हो गई कि मुझे दुनिया का और कोई धन नहीं चाहिए आज मुझे ईश्वर ने वह धन दे दिया है जिसे ना तो कोई चोर चुरा सकता है ना कोई बता सकता है यह मेरा मित्र हमेशा सलामत रहे बस प्रभु से यही प्रार्थना करता हूं यह दो शब्द उसके जीवन को बदल सकता है उसके दुख दर्द को मिटा सकता है उसके घाव को मरहम का कार्य कर सकता है बस मैं यही कहना चाहूंगा कि पैसों की अहमियत नहीं सुंदरता की अहमियत नहीं बल्कि मित्रता की मित्र की अहमियत समझो जो आपके जीवन पर्यंत आपको साथ दे .

15 

Share


Ankit Gupta
Written by
Ankit Gupta

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad