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कन्या भ्रूण हत्या में महिलाएं कितनी जिम्मेदार

 मंजू ओमर
मंजू ओमर
26th Sep, 2020

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समाज के लिए एक बहुत बड़ा अभिशाप है कन्या भ्रूण हत्या । समाज को पतन की ओर ले जाने वालीं एकं ऐसी घिनौनी हरकत,जिसको अंजाम देने वाला हर व्यक्ति सजा का हकदार हैं ।न सिर्फ भ्रूण हत्या करने वाला बल्कि कराने वाला,उसका साथ देने वाला,यह कुक्रतय देखकर आंख मूंद लेने वाला और मजबूरी का नाम लेकर इसका विरोध न करने वाला भी पाप का उतना ही भागीदार है । महिलाओं के प्रति ख़राब रवैए को लेकर हमेशा पुरुष पर उंगली उठाई जाती है, पर महिलाओं के प्रति खुद महिलाओं का रवैया भी अक्सर खराब और अमानवीय देखने को मिलता है। जाहिर है एक मां अपने बच्चे को नहीं मारना चाहतीं हैं मगर चाहकर भी कभी कभी वो इसका विरोध नहीं कर पाती ।। बेटी बेटा में फर्क क्यों ॽ यदि बेटा कमा रहा है तो आजकल बेटियां भी क्या रही है और अच्छा कर रही है ।बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है । आज की बेटी कमजोर नहीं है ।जुक्षारू है हर मुसीबत से लड़ सकतीं हैं ।और अपने मां बाप का सहारा बन रही है । फिर क्यों हम बेटों की चाह में बेटियों को हम कोख में ही मार रहे हैं ।कब समाज जागेगा कब हम जागेंगे ।कब अपनी सोच बदलेंगे । इस सम्बन्ध में बदलाव की शुरुआत तो हमें अपने घर से ही करनी है ।और हमें खुद करनी करनी होगी। क्योंकि नारी ही नारी की दुश्मन बन जाती है । एक बहू के पोता न देने पर सांस ही बहू की दुश्मन बन जाती है । बेटी तो घर की चिड़िया होती है, जो अपनी मीठी मुस्कान से सबका मन मोह लेती है ।बेटा तो एक कुल का दीपक होता है लेकिन बेटियां तो दो कुलो को संवारती है ।एक अंजान परिवार को अपना बनाती है ।।जागिये सोचिए उठिए और अपनी बेटियों को बचाइए। खुद एक नारी के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम नारी जाति को सशक्त करने में अपना योगदान दे । अगर हममें से हर दस में से एक नारी भी जाग्रत हो जाये कि हम बेटियों को बचायेंगे उनकी हत्या नहीं होने देंगे, तो हमारा विश्वास है कि हमारे मिशन में लोग धीरे धीरे जुड़ने लगेंगे। फिर हमारी बेटियां आसमान में चिडियों की तरह स्वतंत्र उड़ती नजर आयेंगी । ध्यान रहे कि अगर बेटियां नहीं होगी तो हम अपने बेटों के लिए बहुएं कहा से लायेंगे।हम अपने घरों को रौशन कहां से करेंगे । बूंद बूंद से सागर भर जाता है और पग पग चलने से मंजिल मिल जाती है । इसलिए हम शुरूआत करें । नारी होने के नाते नारी का साथ अवश्य दें कन्या भ्रूण हत्या को रोकने की जिम्मेदारी लें ।


मंजू ओमर

क्षांसी

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