Bluepad"प्यार"
Bluepad

"प्यार"

ठाकुर योगेन्द्र सिंह
ठाकुर योगेन्द्र सिंह
26th Sep, 2020

Share

स्वरचित कविता

प्यार नहीं है नाम किसी को,
छल से, बल से पाने का।
प्यार नहीं है नाम किसी के,
साथ महज सो जाने का।।
प्यार नाम है सच्चे दिल की,
इक गहरी सच्चाई का।
प्यार नाम है पावनता का,
निष्छलता का, अच्छाई का।।

सच्चा प्यार उसी का,
जिसका नहीं स्वार्थ से नाता है।
एक खुशी देने की खातिर,
जो सौ दुख सह जाता है।।
बदले में कुछ पाने की इच्छा,
आती नहीं कभी मन में।
निश्छल, निर्मल प्यार भरा,
दिल ही पावन कहलाता है।।

दिल से दिल का रिश्ता है ये,
मन का मन से नाता है।
कौन, कहां, किससे जुड़ जाए,
कोई समझ न पाता है।।
रंग, रूप, आकार, आयु का,
अर्थ नहीं होता कोई।
जिसका साथ लगे अच्छा,
बस वो ही मन को भाता है।।

जो अपनी ही खुशियां चाहे,
सच्चा यार नहीं है वो।
मजबूरीवश साथ निभाए,
तो हकदार नहीं है वो।।
करे न कद्र भावना की जो,
उसको भाव नहीं देना।
स्वार्थ, काम का लोभी है वो,
सच्चा प्यार नहीं है वो।।

प्यार जीवन की अधूरी प्यास है,
मरुस्थल में जलधि का एहसास है।
भावनाओं से जुड़े रिश्ते जहां,
प्यार की हर जीव जन को आस है।।
बिन भरोसे और बिन दायित्व के,
प्यार का आधार चकनाचूर है।
सिर्फ प्रियतम की खुशी ही लक्ष्य हो,
प्यार ईश्वर को वहीं मंजूर है।।

18 

Share


ठाकुर योगेन्द्र सिंह
Written by
ठाकुर योगेन्द्र सिंह

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad