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सोशल साइट्स में उलक्षे बच्चे

 मंजू ओमर
मंजू ओमर
24th Sep, 2020

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आज सोशल साइट्स की चर्चा हर जगह है।अब कोई मिलता है तो यह नहीं पूछता कि हाल चाल कैसा है, या घर में सब ठीक ठाक है कि नहीं पूछा जाता है कि आप व्वापसेट पर है कि नहीं फेसबुक पर हैं कि नहीं । आजकल कोई मेहमान आपके घर आता है तो वो आपसे बात बाद में करेगा पहले मोबाइल चार्जर प्वाईंट पहले ढूंढने लगेगा ।
युवावस्था की ओर बढ़ते बच्चे और युवा इस कदर पागल है कि पूछो मत इनकी क्या कहें आजकल तो हर कोई पागल है ।हर समय उनके हाथ में मोबाइल होता है ।और आंखें स्कीन पर ही खड़ी रहती है । अगर वे बात भी करते हैं तो मोबाइल पर ही देखते हुए करते हैं ।वे आपकी तरफ देखते ही नहीं ।वे रास्ते पर चल रहे हो तो कान में ईयर फोन ठूंसा रहता है ।और आंखें मोबाइल पर टिकी रहती है । बाईक पर कहीं जा रहें हैं तो जो चला रहा है उसकी तो मजबूरी है लेकिन पीछे वाला मोबाइल पर ही होता है ।चलाने वाला फिर भी कान के नीचे फोन दबा ही लेता है ।
एक वाकया देखा मैंने बाजार में एक बुजुर्ग सब्जी लेकर आ रहे थे ।पैदल थे रास्ते में गाय ने उनको टक्कर मारी थी , उनकी सारी सब्जी फैल गई । वहीं 17
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साल के चार लडके खड़े थे चारों मोबाइल में ही व्यस्त थे ।उन बुजुर्ग ने उनसे मदद के लिए आवाज दी लेकिन किसी ने नहीं सुना । क्या हो गया है आज के बच्चों को इतने संवेदनहीन कैसे हो गये है । सोशल साइट्स से उन्हें दुनिया की खबर तो रहती हैं पर हमारे अड़ोस पड़ोस में या हमारे आसपास क्या हो रहा है इसकी खबर उन्हें नहीं रहती । दिनभर वे मैसेज भेजते और चेक करते रहते हैं , अपनी नई पुरानी फोटो से अपलोड करने में लगे रहते हैं ।
वैसे सोशल साइट्स से फायदे भी होते हैं इस बात से मना नहीं किया जा सकता हर चीज के अच्छे और बुरे दोनों ही परिणाम होते हैं तमाम तरह की जानकारी भी हमें मिलती है । फेसबुक कमी पुराने बिछड़े लोगों को भी मिला देता है ।मेरे पति की उनके स्कूल समय के दोस्त से बातचीत हुई ।वे इस समय कनाडा में रहते हैं । पिछले महीने उनका भारत आना हुआ तो हमारी मुलाकात हुई । सोशल साइट्स की कमी अच्छी बातें भी है । लेकिन किसी चीज के पीछे हाथ धोकर पड़ जाना ये कहां की समक्षदारी है । लड़कियां भी अपनी नई नई पोज़ में फोटो डालती रहती है ।अभी‌ हाल ही में मेरे एक परिचित की बेटी की फोटो को किसी अनजान व्यक्ति ने अश्लील फोटो से जोड़ कर ब्लैक मेल करने लगा। आखिर में पुलिस कम्पलेन करनी पड़ी। इसलिए सोशल साइट्स की सुविधा का लाभ तो उठाया जाये, पर बहुत सावधानी के साथ । फोटो आदि डालते समय प्राइवेसी और सावधानी का पूरा ध्यान रखना चाहिए । इंटरनेट की सुविधा ने जहां सबको देश दुनिया से जोड़ दिया है ,यही यह कयी लोगों को बर्बाद भी कर रही है । इससे बहुत से बच्चों का ध्यान पढ़ाई लिखाई से भटक रहा है । उन्हें सही मार्ग दर्शन एवं निगरानी की आवश्यकता है ।


मंजू ओमर
क्षांसी

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