Bluepadमौसम से रिश्ते
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Sapna parmar
18th Sep, 2020

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कभी काश थे ,कभी खास थे
  ये रिश्ते बदलते मौसमो से आम थे
कभी वक़्त के सहारे ,कभी वक़्त से हारे
बस अपनी ही तक़दीर के सहारे
ये रिश्ते तो बदलते मौसमो से आम थे
अपनों की भीड़ मे, अपनों से ही हारे
थक कर किसी छांव के सहारे,
कभी अपनों को ही निहारे,
कभी समय का कसूर निकाले
बस मासूम है हम, इतना ही जाने 💕

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Sapna parmar

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