Bluepad‘नमोमय’ हुआ भारत
Bluepad

‘नमोमय’ हुआ भारत

S
Sanjana Nayar
12th Jul, 2020

Share



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘कोरोना’ से जंग में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वायरस की वैक्सीन कब बनेगी इसका कोई अनुमान अभी नहीं है लेकिन इससे लड़ने के लिए अन्य तैयारियों में हमेशा अग्रणी भूमिका में हैं। जनता का मनोबल ऊंचा रखने के लिए हरेक प्रयास के लिए तैयार हैं। हमेशा जनता के साथ खड़े दिखे।

भारतीय इतिहास में यह पहला पीएम हैं जो जनता से इतना जुड़ाव रखता हो और उसके बारे में सोचता है। कुछ प्रधानमंत्री तो ऐसे हैं जो कठपुतली की तरह हीं रहे। 10 वर्ष सत्तासीन तो रहे लेकिन अपने उत्तरदायित्व में फिसड्डी ही साबित हुए। उस समय जनता ने हमेशा अपने आप को ‘अनाथ’ ही समझा। आज भी वे पूर्व प्रधानमंत्री कठपुतली ही बने हुए हैं। जिस जनता पर उन्होंने 10 साल शासन किया उस जनता को अभी इस संकंट की घड़ी में दो बोल उनके मुंह से नहीं निकल पाया। खैर उनकी बात हीं क्या करना।

संभवतः नरेन्द्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो  कोरोना संकंट के दौरान जनता से हमेशा जुड़े रहे हैं। कोरोना संकंट को लेकर पीएम ने अभी तक कई बार देश की जनता को संबोधित किया है। हरेक संबोधन में पीएम का प्रयास जनता के मन से करोना संकंटकाल में उनके दुख दर्द को बांटने का रहा।

पीएम का सबसे पहला संबोधन 19 मार्च को हुआ। इसमें मोदी ने कोरोना वायरस से देश में निर्मित हालात को लेकर जनता देश को संबोधित किया था। उन्होंने देशवासियों से कोरोना के खिलाफ लड़ने का संकल्प लेने का आग्रह किया था। इस वायरस का सामना करने के लिए देश वासियों को सजग रहने और संयम बरतने की जरूरत पर बल दिया। देश के लोगों से 22 मार्च को एक दिन के लिए जनता कर्फ्यू में जनभागीदारी की अपील की थी। जनता कर्फ्यू के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से सोशल डिस्टेसिंग की अपील करते हुए घर में रहने को कहा। साथ हीं शाम में घरों की बालकनी में खड़े होकर उन लोगों का उत्साह बढ़ाने की अपील की थी जो कोरोना से लड़ाई में जुटे हैं। इसके लिए घरों के बाहर निकलकर ताली और थाली बजाने की अपील की थी। पीएम के आग्रह का जनता ने स्वागत किया।

पीएम का दूसरा संबोधन 24 मार्च को हुआ। इस दिन प्रधानमंत्री ने देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लागू करने की बात कही थी। इसका एकमात्र कारण जनता की भीड़ को एक दूसरे के संपर्क में आने से रोकना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने अपने घरों में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है। जनता ने इस कदम का भी स्वागत किया।

पीएम ने तीसरा संबोधन 3 अप्रैल को हुआ। इस वीडियो संदेश में पीएम ने अंधकार को चुनौती देनी की बात कही। पीएम ने कहा कि हम सबको मिलकर कोरोना संकट के अंधकार से निकलना होगा। इस महामारी को प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। पीएम ने कहा कि 5 अप्रैल को हमें, 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है। इस दौरान घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में, खड़े रहकर, 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। जनता निसंदेह रूप से इसका भी स्वागत करेगी।

इसके अतिरिक्त पीएम मोदी ने मार्च में जनता के साथ किए ‘मन की बात’ में भी कोरोना से संबंधित विचार रखे। इसमें उन्होंने जनता से माफी मांगते हुए कहा कि लाॅकडाउन का कदम उठाना जरूरी था। पीएम ने कहा कि लाॅकडाउन के कारण आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है। कुछ लोग हमसे नाराज भी होंगे लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है। लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है।

संभवतः देश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा होगा कि कोई प्रधानमंत्री जनता के साथ इतना संपर्क बैठाने का प्रयास करता है। जनता को हमेशा यह एहसास कराने का प्रयास करता है कि अगर आप तकलीफ में हैं तो सारा देश आपके साथ है।

25 

Share


S
Written by
Sanjana Nayar

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad