Bluepadमहान क्रिकेटर ‘माही’
Bluepad

महान क्रिकेटर ‘माही’

Subhash
Subhash
7th Jul, 2020

Share


महेन्द्र सिंह धोनी को आज कौन नहीं जानता। आज वे किसी परिचय के मुहताज नहीं हैं। क्रिकेट जगत में भारत का नाम रोशन किया है। कहते हैं सोना आग में तपकर हीं निकलता ही उसी प्रकार एक छोटे से शहर से निकलकर एक महान क्रिकेटर का खिताब जीतने वाले एमएस धोनी ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया। काफी संघर्षों के बाद आज वे इस मुकाम पर पहुंचे और दुनिया के सामने उन्होनें अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज उनके जन्मदिन के लिए यह एक विशेष लेख !


महेन्द्र सिंह धोनी को एम एस धोनी भी कहा जाता है। उनका जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ। उस समय रांची बिहार का अंग था। उनका उपनाम माही है। उनके पिताजी पान सिंह, माता देवकी देवी, पत्नी साक्षी धोनी और एक बेटी जीवा है।
माही ने अपने स्कूल टाइम से क्रिकेट खेलना शुरु कर दिया था। लेकिन इंडियन टीम का हिस्सा बनने में उन्हें कई साल लग गए। उनकी गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ किक्रेटरों में की जाती है की जाती है। माही बचपन से ही किक्रेट खेलने के शौकीन थे। 1998 में जब वे स्कलू और क्लब स्तर क्रिकेट में ही खेल रहे थे तभी उन्हें केन्द्रीय कोयला फील्ड लिमिटेड टीम में खेलने के लिए चुना गया। अपने खेल की बदौलत माही धीरे-धीरे ख्याति प्राप्त करते रहे।

महेंद्र सिंह धोनी ने 1999 -2000 सीजन के दौरान उन्हें रणजी ट्रॉफी में खेलने का अवसर मिला। यह रणजी ट्रॉफी मैच बिहार की तरफ से असम क्रिक्रेट टीम के खिलाफ खेला गया था। इस मैच की दूसरी पारी ने महेंद्र सिंह धोनी ने नाबाद 68 रन बनाये। 2004-2005 में महेंद्र सिंह धोनी का चयन राष्ट्रीय वन डे मैच में हुआ। महेंद्र सिंह धोनी ने अपना पहला वन डे मैच बांग्लादेश टीम के खिलाफ खेला था। लेकिन अपने पहले पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके और महज जीरो पर ही आउट हो गए। पाकिस्तान के विरूद्व 148 रन बनाकर वे पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज भी बन गए। अपनी बल्लेबाजी से अच्छे विकेटकीपर बल्लेबाज का रिकॉर्ड बनाया।

महेंद्र सिंह धोनी ने 11 सितंबर 2007 से 4 जनवरी 2017 तक भारतीय क्रिक्रेट टीम में कप्तानी निभाई और 2008 से 28 दिसंबर 2014 तक टेस्ट क्रिक्रेट टीम में कप्तान रहे।
धोनी ऐसे विकटकीपर हैं जिन्होनें टेस्ट मैच में कुल 4 हजार रन बनाए थे इनसे पहले कभी किसी विकेट कीपर ने इतने रन नहीं बनाए थे। इस तरह धोनी ने टेस्ट मैचों में रिकॉर्ड बना लिया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के दौरान कुल 27 टेस्ट मैच हुए थे जिसमें धोनी के नाम सबसे सफल भारतीय टेस्ट कप्तान होने का रिकॉर्ड दर्ज है।

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी के दौरान कुल 331 इंटरनेशनल मैच खेले हैं । साथ ही ये पहले ऐसे कप्तान हैं जिन्होनें अपने करियर में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले हैं। आपको बता दें कि इंटरनेशनल मैचों में महेंद्र सिंह धोनी ने 204 छक्के मारने का भी रिकॉर्ड बनाया है और वे सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले क्रिकेटर के तौर पर भी मशहूर हैं। यही नहीं कैप्टन के तौर पर सबसे ज्यादा टी-20 मैच जीतने का कीर्तिमान भी धोनी के नाम ही है।

विश्व कप जीतने में धोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत ने दो बार विश्व कप जीता है- एक बार कपिल देव के कप्तानी में दूसरी बार महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हार देकर विश्व कप जीता था। इस जीत में महेंद्र सिंह धोनी ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिसकी वजह से उन्हें काफी तारीफ भी मिली थी और वे भारत के सबसे अच्छे खिलाड़ी बन गए।

16 

Share


Subhash
Written by
Subhash

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad