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जीने का सहारा मिल गया

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Akhilesh kumar
7th Jul, 2020

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साँसों को जीने का इशारा मिल गया
डूबा मैं तुझमें तो किनारा मिल गया
साँसों को जीने का इशारा मिल गया
ज़िंदगी का पता दोबारा मिल गया
तू मिला तो खुदा का सहारा मिल गया
तू मिला तो खुदा का सहारा मिल गया
गमज़दा-गमज़दा दिल ये था गमज़दा
बिन तेरे, बिन तेरे, दिल ये था गमज़दा
आराम दे तू मुझे, बरसों का हूँ मैं थका
पलकों पे रातें लिए, तेरे वास्ते मैं जगा
आराम दे तू मुझे, बरसों का हूँ मैं थका
पलकों पे रातें लिए, तेरे वास्ते मैं जगा
मेरे हर दर्द की गहराई को महसूस करता है तू
तेरी आँखों से ग़म तेरा मुझे मालूम होने लगा
तू मिला तो खुदा का सहारा मिल गया
तू मिला तो खुदा का सहारा मिल गया
मैं राज़ तुझसे कहूँ, हमराज़ बन जा ज़रा
करनी है कुछ गुफ्तगू, अल्फ़ाज़ बन जा ज़रा
मैं राज़ तुझसे कहूँ, हमराज़ बन जा ज़रा
करनी है कुछ गुफ्तगू, अल्फ़ाज़ बन जा ज़रा
जुदा जब से हुआ तेरे बिना खामोश रहता हूँ मैं
लबों के पास आ अब तू मेरी आवाज़ बन जा ज़रा
तू मिला तो खुदा का सहारा मिल गया
तू मिला तो खुदा का सहारा मिल गया
गमज़दा-गमज़दा दिल ये था गमज़दा
बिन तेरे, बिन तेरे, दिल ये था गमज़दा

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Akhilesh kumar

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