Bluepadअतुलनीय है पवित्र शहर ‘वाराणसी’
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अतुलनीय है पवित्र शहर ‘वाराणसी’

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Reshma us
2nd May, 2020

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर को कौन नहीं जानता। इस शहर के बारे में जितना कहा जाए उतना कम होगा। गंगा नदी के किनारे बसे वाराणसी उत्तर भारत का सांस्कृतिक केन्द्र है। यह साहित्य, संगीत और कला के क्षेत्र में अपनी अविस्मरणीय उपस्थिति दर्ज करवाता है। सारनाथ, जहां गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था, वाराणसी के पास ही स्थित है। वाराणसी को कई नाम मिले हुए हैं। जैसे ‘मंदिरों का शहर’, ‘भारत की पवित्र नगरी’, ‘भारत की धार्मिक राजधानी’ आदि। वाराणसी को भारत का हेरिटेज भी कहा जाता है। गंगा की दो सहायक नदियाँ वरुणा और अस्सी के नाम पर इसका नाम वाराणसी हुआ है।

वाराणसी को हिंदू तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। वाराणसी की संस्कृति का गंगा नदी से अटूट रिश्ता है। ऐसा माना जाता है कि गंगा नदी में डुबकी लगाने से आत्मा पवित्र होती है और सारे पाप धुल जाते हैं। बनारस जाकर गंगा में डुबकी लगाना बनारस की सैर के कुछ खास कामों में से एक है। यहां कई प्रसिद्व मंदिर हैं। जहां हमेशा भक्तों की भीड़ लगी रहती है। ऐसा कह सकते हैं कि आप बनारस गए और वहां के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने नहीं गए तो आप की यात्रा अधूरी रह ही जाएगी।

बाबा भोलेनाथ की नगरी बनारस, घाट और मंदिरों के लिए जाना जाती है। बनारस का सबसे प्रमुख मंदिर है ‘काशी विश्वनाथ मंदिरश्’ इसके दर्शन करने दूर-दूर से लोग आते हैं। तुलसी मानस मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर, संकटमोचन मंदिर भी काफी प्रसिद्व है। यहां गंगा किनारे के दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, हरिश्चन्द्र घाट घाट भी काफी प्रसिद्व हैं। वाराणसी में 88 घाट है। यहां विदेशी सैनानियों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। वाराणसी के घाट पर शाम को होने वाली गंगा आरती का नजारा वाकई अद्भुत होता है। शाम को बड़ी संख्या में लोग इस आरती को देखने के लिए इकट्ठा होते हैं।

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर को हिन्दुओं का एक पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शंकर को समर्पित है तथा 12ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि इस एक ज्योतिर्लिंग के दर्शन से मिलने वाला पुण्य अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से मिलने वाले सम्मिलित पुण्य पर भी भारी पड़ता है। श्रावण मास में इस मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है।

वाराणसी अपने आप में एक अनूठा शहर है। यहां की सुबह सारी दुनिया में मशहूर है। हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार, जो मनुष्य काशी में देहत्याग करता है सीधे मोक्ष को प्राप्त होता है। बनारसी रेशमी साड़ी और जरी के वस्त्र दुनिया भर में अपनी भव्यता के लिए जाने जाते हैं। वाराणसी का हर कोना आश्चर्यों से भरा है। अतः जितना अधिक इसे देखते हैं, उतना ही इसमें खोते जाते हैं।

वाराणसी का वातावरण हमेशा एक सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यहां के मंदिर में बजनेवाली घंटिया मानों वातारण में संगीत घोल देती हैं। तभी तो जो भी विदेशी भारत आते हैं वे वाराणसी घूमे बिना यात्रा को पूरा नहीं मानते। वाराणसी भले ही हिंदू तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता हो लेकिन यहां जैन धर्म के चार तीर्थंकरों के भी स्थल हैं। इनमें सारनाथ में श्रेयांसनाथ, चंद्रावती में चंद्रप्रभु तो शिवाला व भेलूपुर में जैन तीर्थंकरों की स्थलियां हैं।


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