Bluepad‘कोरोना’ के अलावा और भी हैं ‘खतरनाक वायरस’
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‘कोरोना’ के अलावा और भी हैं ‘खतरनाक वायरस’

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Rakesh Patil
25th Jun, 2020

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कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही का मंजर उत्पन्न किया है। कोरोना के संक्रमण से लोगों के जान पर आफत बन आई है।यह पहला मामला है जब वायरस ने दुनिया को तबाह किया किया है। इससे पहले कई ऐसे वायरस आए जो पृथ्वी पर जीवन के लिए खतरा बन गए। आइए देखते हैं, दुनिया में अब तक के सबसे खतरनाक वायरस कौन-कौन से हैं।

1 स्वाइन फ्लू (एच1एन1) - एक खतरनाक वायरस की वजह से होने वाला संक्रमण है। इस वायरस ने 2009 में पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया था। इस दौरान स्वाइन फ्लू की वजह से दुनियाभर में 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

2. इबोला- इबोला एक खतरनाक वायरस है क्योंकि इसका अभी तक कोई पुख्ता इलाज या वैक्सीन इजात नहीं किया जा सका है। यह वायरस सबसे पहले 1976 में देखा गया था। यह 2014 से 2016 तक पश्चिम अफ्रीका में काफी जानलेवा साबित हुआ था। इस वायरस से करीब 11 हजार लोगों की जिंदगी खत्म हो गई थी। जबकि इन वायरस का फैटेलिटी रेट 90 प्रतिशत तक है। इससे संक्रमित होने के बाद व्यक्ति को हैमरेजिक फीवर, ऑर्गन फेलियर जैसी समस्याएं हो जाती है।

3. सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) - पूरी दुनिया में फैले नोवेल कोरोना वायरस की तरह ही सार्स भी कोरोनावायरस का एक प्रकार है। जिसका प्रकोप 2003 में पूरी दुनिया में फैला था। सार्स एक खतरनाक वायरस है। जिसने 26 देशों के लोगों को अपना शिकार बनाया था और करीब 774 लोगों की मौत का कारण बना था।

4. मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (मर्स)- मर्स भी सार्स की तरह कोरोनावायरस का एक प्रकार है। यह सबसे पहले 2012 में साऊदी अरब में पाया गया। यह वायरस सबसे पहले चमगादड़ों में होता है, जो कि किसी तरह ऊंठों में फैल गया। इन्हीं संक्रमित ऊंठों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से यह वायरस इंसानों में आया है।

5. स्पेनिश फ्लू- दुनिया का सबसे खतरनाक वायरस स्पेनिश फ्लू ने दुनिया की करीब एक तिहाई आबादी को अपना शिकार बना लिया था। यह वायरस सबसे पहले यूरोप, यूनाइटेड स्टेट्स और एशिया के कुछ हिस्सों में देखा गया था। जिसने करीब 2 करोड़ से 5 करोड़ लोगों की जिंदगी खत्म कर दी थी।

6. कांगो फीवर - कोंगो फीवर एक तरह का खतरनाक बुखार है। जो संक्रमित जूं के काटने या संक्रमित जानवर के खून के संपर्क में आने से फैलता है। डॉक्टर्स बताते हैं कि अबतक इसका कोई सटीक इलाज सामने नहीं आया है।

7. जीका वायरस- जीका वायरस एक वायरल संक्रमण है। जो मुख्य रूप से मच्छर के काटने से होता है। मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटकर वायरस को दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा देता है। भारत में हर साल लगभग पांच हजार मामले जीका वायरस के आते हैं। गर्भवती महिला को जीका होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

8. एचआईवी/एड्स- एचआईवी/एड्स का पहला मामला 1976 में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में देखने को मिला था। लेकिन, इस महामारी ने वैश्विक स्तर पर विकराल रूप  2005 से 2012 के बीच धारण किया। इस वायरस का प्रकोप सबसे ज्यादा सब-सहारन अफ्रीका के क्षेत्र में देखने को मिलता है। एचआईवी की वजह से अबतक दुनियाभर में अनुमानित 3 करोड़ 20 लाख लोगों की जान जा चुकी है।

9. डेंगू बुखार - डेंगू वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है। ये वायरस दुनिया की 110 देशों में पाया है और हर साल करीब 10 करोड़ लोगों को इंफेक्ट करता है, जिनमें से करीब 20 हजार लोगों की मौत हो जाती है। भारत और थाइलैंड जैसे देशों में डेंगू का खतरा काफी बड़ा है। डेंगू से रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या रिसने लगती हैं। रक्तप्रवाह से प्लेटलेट्स गिर जाते हैं। जिससे व्यक्ति की मौत हो जाती है। जिन लोगों को यह वायरस दोबारा जकड़ लेता है, वे अक्सर गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं।

10. मीजल्स - मीजल्स  को आम भाषा में खसरा को रोग कहा जाता है। पिछले 150 साल में यह करीब 20 करोड़ लोगों की जान ले चुका है। पुराने रेकॉर्ड्स के हिसाब से यह हर साल करीब 2 लाख लोगों की जान लेता था। हालांकि अब वैक्सिनेशन के जरिए इस वायरस को कंट्रोल कर लिया गया है। लेकिन खसरा के मामले में सबसे बुरी बात यह है कि इस वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति 12 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है।

11. रोटा वायरस - रोटा वायरस को चाइल्ड किलर वायरस भी बोला जाता है। ये करीब 5 दुनियाभर में हर साल 5 लाख बच्चों की जान लेता है। यह नवजात बच्चों और 6 से 8 साल के बच्चो में घातक डायरिया फैलाता है। जिससे कई बार बच्चों की जान तक चली जाती है।

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