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भारत का लीडिंग ई-कामर्स है ‘फ्लिप्कार्ट’

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Gayathri
29th Apr, 2020

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डिजीटल युग चल रहा है। इस डिजीटल युग में 2007 में स्थापित ‘फिल्पकार्ट’ नामक ई-कामर्स कमी अब बहुत बड़ा व्यवसाय का रूप ले चुकी है। आज वे सभी लोग जो आॅनलाइन बिजनेस करने के शौकीन हैं वे ‘फिल्पकार्ट’ से वाकिफ हैं। हम आज बात करतें हैं कि कैसे ‘फिल्पकार्ट’ भारत में लीडिंग ई-कामर्स की भूमिका में आ गया है।

फ्लिप्कार्ट एक इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स वेबसाइट है, जो आज सफलता के नए नए आयाम छू रही है। कंपनी का मुख्यालय कर्नाटक राज्य के बैंगलोर शहर में स्थित है। इस कंपनी की स्थापना अक्टूबर सन् 2007 में सचिन बंसल और बिन्नी बंसल के द्वारा की गयी। उस समय लगभग 6,200डाॅलर खर्च कर स्थापित की गई यह कंपनी की कुल कीमत 11.6 बिलियन डॉलर की है।

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल की मेहनत और सोच ने इस कंपनी को एक के बाद उपलब्धि के साथ नुकसान भी उठाना पड़ा। लेकिन आज के समय में फ्लिप्कार्ट अपने आप को स्थापित कर चुकी है। 6,200डाॅलर के द्वारा स्थापित फ्लिप्कार्ट को अपने प्रोजेक्ट की सहायता से इस कंपनी को बाद में कई कंपनियों से आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। 2009 के दौरान एक्सेल इंडिया की तरफ से 1 मिलियन डॉलर, वर्ष 2010 में टाइगर ग्लोबल की तरफ से 10मिलियन डॉलर और वर्ष 2011 में 20 मिलियन डॉलर का सहयोग प्राप्त हुआ। वर्ष 2012में फ्लिप्कार्ट ने ऐलान किया कि उन्हें नेस्पेर्स ग्रुप और आइकॉनिक की तरफ से कुल 150 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ है। इस वजह से इनका व्यापार बेहद अच्छे से चलने लगा। इनकी सफलता को देखते हुए कई अन्य इन्वेस्टर्स भी इस कंपनी की तरफ आकर्षित हुए। वर्ष 2013 के 10जुलाई के दौरान इन्हें इन सभी निवेशकर्ताओं से 200 मिलियन डॉलर का इन्वेस्ट प्राप्त हुआ।

वर्ष 2014में फ्लिप्कार्ट ने केवल 10 घंटे के सेल में कुल 6.5 बिलियन डॉलर का व्यापार किया। इस आयोजन का नाम ‘द बिग बिलियन डे’ रखा गया था। फ्लिप्कार्ट ने इस सेल को ई कॉमर्स का सबसे बड़ा सेल बताया था। इसी वर्ष दिसम्बर के दौरान फ्लिप्कार्ट ने घोषणा किया कि वह सिंगापुर की एक कंपनी के साथ भी मिल करके कार्य करने वाला है। इस पार्टनरशिप के जरिये फ्लिप्कार्ट एक पब्लिक कंपनी हो गया, जिसकी कुल बजट 700 मिलियन डॉलर से अधिक की थी। इस समय फ्लिप्कार्ट को और नए इन्वेस्टर्स जैसे बिल्ली गिफ्फोर्ड, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, स्टेडव्यू कैपिटल आदि से निवेश प्राप्त हुआ है।

फ्लिपकार्ट धीरे-धीरे सफलता की सीढ़िया चढ़ता ही जा रहा था। इसके बाद कई बड़ी कम्पनियां इस साईट पर अपने नये प्रोडक्ट्स लॉन्च भी करने लगी। फरवरी 2014 में मोटोरोला और फ्लिप्कार्ट के बीच एक समझौता हुआ। इस समझौते के बाद फ्लिपकार्ट ने 19 मार्च 2014 में अपनी वेबसाइट से मोटो- एक्स स्मार्ट फोन बेचना आरम्भ किया। 13 मई 2014 को इस कंपनी ने अपनी साईट से मोटोरोला का ही एक सस्ता फोन मोटो- ई भी बेचना शुरू किया। 2014 के सितंबर में हीं फ्लिकार्ट ने गपंवउप त्मकउप 1े स्मार्ट फोन भी बेचना आरम्भ किया। यह फोन भारत में जुलाई 2014में रिलीज हुआ था। इस सेल के दौरान कुछ क्षणों में ही कुल 40,000स्मार्टफोन बिक गये थे। फ्लिप्कार्ट ने जुलाई 2017 माइक्रोमैक्स का यू यूनिके 2स्मार्टफोन लॉन्च किया. इस लॉन्च के समय इस मोबाइल की कीमत महज 5,999रूपए थी. इसके अलावा फ्लिपकार्ट ने अपनी तरफ से भी मोबाइल, स्मार्टफोन, फैबलेट. नेटवर्किंग राऊटर आदि लॉन्च किये।

धीरे-धीरे सफलता की सीढ़िया चढ़ता हुआ फ्लिप्कार्ट का टर्नओवर 43,615 करोड़ यानि 6.1 बिलियन डाॅलर है। वहीं यहां लगभग तीस हजार से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं।

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