Bluepadरिश्ता जो हमारी ताकत है - पिता
Bluepad

रिश्ता जो हमारी ताकत है - पिता

S
Swati Sharma
22nd Jun, 2020

Share

इस दुनिया में आने के बाद से हम कई सारे रिश्ते निभाते हैं , कुछ वो जो हमे ईश्वर ने जन्म के साथ ही दिए और कुछ वो जो हमने खुद बनाये।  हर रिश्ता अपना एक महत्त्व रखता है और हर रिश्ते की अपनी एक पहचान होती है अलग अलग उम्मीदें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ हम इन सभी रिश्तो को निभाते चल अपने जीवन में आगे बढ़ते जाते हैं।
ऐसे ही रिश्तो में सबसे अहम् और ईश्वरीय शक्ति द्वारा मिला रिश्ता है , पिता का रिश्ता। 
वैसे तो मैंने पहले ही कहा की हर रिश्ता अपनी अहमियत रखता है लेकिन हम सब जानते है की माता पिता का रिश्ता सर्वोपरि है , पिता हमारे रिश्तो की वह जड़ होते हैं  जो अपने प्यार से और कभी कभी डाट से भी हम सभी को जोड़ कर रखते हैं। पिता खुद से पहले अपने बच्चो के बारे सोचते हैं।  पिता हमारे जीवन की सबसे बड़ी ताकत है जो हमे अपने अनुभवों के साथ और संरक्षण में बड़ा करते हैं ताकि हम एक अच्छा व्यक्तित्व इस समाज को दे सके।

ऐसे ही एक पिता था  जो दिन रात काम करता  ताकि अपने परिवार को सारे सुख सुविधा दे सके , इसी तरह वो मेहनत  करता  रहा   , एक दिन रात को जब वो घर वापस आया तो जैसे ही दरवाजा खोला  , देखा  तो उसका  छोटा बेटा जो लगभग ६ साल का था , सामने ही खड़ा था।

उसने पूछा - क्या  बात है तुम अभी तक जाग रहे हो , अंदर से माँ आयी और बोली कबसे इसे कह रही हूँ  सोने को पर सोता ही नहीं , कह रहा आज पापा से कुछ काम है।

थके हुए पिता ने पूछा बोलो क्या बात है ? बेटा बोला -  पापा , आपकी एक दिन की इनकम कितनी है , पापा ने  कहा - क्यों तुम्हे इससे क्या करना , बच्चा जिद करने लगा प्लीज पापा बताओ न प्लीज। ... पिता ने कहा - अच्छा अच्छा ठीक है , देखो मुझे १ घंटे के ५० रुपया मिलता है।
बेटा बोला - पापा मुझे २५ रूपये दो ना। ....

अब तो थके हुए पापा का पारा चढ़ गया , गुस्से में बोले  - तो तुम इसलिए जाग रहे थे , मैं  इतनी मेहनत करके पैस लाता हूँ  और तुम्हे बस अपने खिलोनो के लिए पैसे चाहिए रहते हैं , जाओ चुपचाप जाकर सो जाओ।

इतने में माँ वह आयी माँ ने कहा पैसे चाहिए थे तो मुझसे क्यों नहीं कहा , पापा अभी अभी तो आये हैं  उन्हें क्यों परेशान कर रहा है।

बेटा मासूमियत से बोला  , तब मुझे पता नहीं था कि मुझे २५  रूपये चाहिए हैं  .. फिर वह  उदास मन से अपने कमरे में चला गया.


पापा ने जब खाना खा लिया और थोड़ा आराम किया तब उसे एहसास हुआ की फालतू में ही बेटे पर  इतना गुस्सा कर दिया  , तब वह उसके कमरे में गया और पुछा - जाग रहे हो क्या , बेटा  बोला हाँ  पापा  में जाग रहा हूँ  , पापा ने  पास जाकर उसके सर पर हाँथ फेरा और २५ रूपये देते हुए कहा - ये लो जो लेना हो  ले आना।
बेटा ख़ुशी से नाचते हुए अपना  पिगी बैंक उठाकर  लाया और उसमें से २५ रुपए  निकाला  , पापा ने पूछा  जब तुम्हारे पास पहले से २५ रूपये थे तो मुझसे क्यों लिए।
बेटा बोला पापा अब मेरे पास ५० रूपये हैं , अब में ये ५० रूपये आपको दूंगा तो क्या आप मुझे अपना १ घंटा दे सकते हैं , कल रात का डिनर में आपके साथ करना चाहता हूँ , इतना सुनकर पापा के आँखों में आंसू आ गए और उसने अपने बेटे को गले लगा लिया। ..

दोस्तों घटना  जीवन की परिस्थितियां बताती हैं।  हम सभी जानते हैं की हम रिश्तों से ही बने हुए है ये रिश्ते अपने आप में  एक नया जीवन होता है क्यूंकि हम हर रिश्ते में एक अलग व्यक्ति के रूप में जीवन जीते हैं , हर रिश्ते की अपनी कुछ डिमांड हैं ।

आज की भागदौड़ वाले जीवन में माता पिता को अपने बच्चो के लिए और बच्चो को अपने माता पिता के लिए समय देना उनके साथ बात करना उन्हें समझना एक बहुत बड़ी डिमांड  है

आज का मेरा ये लेख इसी बात पर इशारा कर रहा है की रिश्तों को समय दें तो  उन्हें सहारा देने की नौबत ही नही आएगी , हमे रिश्तों को इतनी ताकत देना हैं कि  कोई कभी खुदको कमज़ोर मह्सूस ही न कर सके और पिता के उस योगदान को आजीवन सम्मान  देना है जो उन्होंने हमे इस जीवन के लिए दिया है ,  

इसी के साथ आज का दिन परिवार की उस जड़ को समर्पित करें जो आपका  आधार है.... मेरी और से सभी पिताओं को।
HAPPY FATHER'S DAY
📷

16 

Share


S
Written by
Swati Sharma

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad