Bluepad‘ई-कामर्स’ सहूलियत के साथ बचा रहा ‘जान’
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‘ई-कामर्स’ सहूलियत के साथ बचा रहा ‘जान’

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himanshu
26th Apr, 2020

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कुछ सालों पहले ई-काॅमर्स का नाम सुनते ही लोगों की भोंऐ तन जाती थी। मानों किसी ने बहुत बड़ा अपराध कर दिया है। लेकिन अब यही ई-कॉमर्स लोगों की जान बचाए हुए नजर आ रहा है। ऐसा नहीं है कि ई-काॅमर्स को अपने आप को स्थापित करने में कम समय लगा लेकिन आखिरकार इसने अपने आप को स्थापित कर ही लिया। विशेषकर ‘कोरोना ’ वायरस फैलने पर अभी यही एकमात्र साधन है जो लोगों तक उनकी आवश्यकतों की पहुंच सुनिश्चित करता है।

ई-कॉमर्स जिसे इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स के रूप में भी जाना जाता है, यह एक प्रोसेस हैं, बिना दुकान गए ही आपका सामान घर पहुंच गया। दुकान जाकर दुकानदार के साथ घंटों माथापच्ची करने से भी फुर्सत। अगर दुकान से कुछ ले आए और वह खराब निकल गया और फिर दुकान जाकर दुकानदार के साथ झंझट से भी छुटकारा। जब लोगों को अपना मनचाहा सामान चुननेजिसके द्वारा बिजनेस और कन्जूमर एक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से माल और सर्विसेस को बेचते और खरीदते हैं। आसान शब्दों में कहें तो ऑनलाईन खरीद और बिक्री ही ई-कॉमर्स कहलाता है। ई-कॉमर्स के जरिए दुकान और सामान सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर रह गई है।आपको सामान सेलेक्ट और पेमेंट करने की देरी है बस। आपके, खरीदने, बदलने और बेचने का आॅपषन मिले तो कोई इसका लाभ क्यों ना उठाए।

आज कई ऐसे ई कामर्स कंपनी हैं जो ग्राहकों तक आसान पहुँच सुनिश्चित भी की है। एमेजन, फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट ,बिगबास्केट, अलिबाबा, पेटीएम मॉल, मिंत्रा, स्नेपडील, शॉपक्लूज आदि ई-कॉमर्स खिलाडियों (ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस) ने ऑनलाईन शॉपिंग को व्यापक स्तर पर पहुँचा दिया है और अपने ग्राहकों तक आसान पहुँच सुनिश्चित भी की है। इससे ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी लाभ हुआ है।

इतना ही नहीं सामान खरीदने के साथ-साथ उसपर मिलने वाले छूट और कैश बैक ने ई-काॅमर्स को स्थापित करने में साकारत्मक भूमिका निभाई है। आज ग्राहक घर बैठे लाखो-लाख मील दूर से सामान मंगवा सकते हैं। जिसे शायद अगर हम सामान्य रूप से खरीदने जाए तो असंभव सा प्रतीत होता है।

आॅनलाइन शाॅपिग के जरिए लोगों तक पहुंचनेवाले सामाना आसान भी होते हैं। दुकान पर वह सामान महंगे होते हैं क्योंकि दुकानदार उन कीमतों पर अपना खर्चा और मुनाफा सभी बैठाता है जबकि आॅनलाइन शाॅपिग में ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं होती। इन सामानों की उपलब्धता सभी समय होती है। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से खरीददारी कर सकते हैं। इतना ही नहीं जिन व्यक्तियों को भीड़-भाड़ में जाने से परेषानी है उनके लिए यह जीवनदान जैसा होता है। इस खरीदारी में पैसे भुगतान के सभी विकल्प खुले रहते हैं। आपके पास जो विकल्प हो आप उसका चुनाव कर सकते हैं।

आसान शब्दों में कहा जाए तो लोगों की आलोचनाओं से शुरू हुआ ई-कामर्स या आॅनलाइन शाॅिपंग अब लोगों के सहुलियत और जान बचाने का साधन बन चुका है। वर्तमान समय में जब ‘कोरोना’ के कारण जब दुकानों और माॅलों को बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। लोगों को अधिक से अधिक घर पर रहने को कहा गया है वैसी परिस्थति में अब एकमात्र उपाय ई-कामर्स ही है जो व्यक्ति के बाहर गए बिना उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति घर बैठे कर सकता है।

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