Bluepadमुस्कुराकर मिलो
Bluepad

मुस्कुराकर मिलो

R
Rakesh Berwal
20th Jun, 2020

Share

जब भी मिलो मुस्कुराकर मिलो,
क्योंकि दर्द का अक्सर लोग मजाक बना लेते हैं!
तुम बनोगे रोशनी जिन चिरागों की,
बाद में वही चिराग तुम को जला देते हैं!
मैं लिए फिरता हूं उस आग को अपने दिल में,
जिस आग से लोग अपना घर भी जला लेते हैं!
टूट जाते हैं जो जिंदगी का बोझ ढोते ढोते,
वे थके हारे लोग मेरे आशियाने में बना लेते हैं!
ऐसे ही नहीं करते वो पीठ पीछे मेरी बुराई,
इस काम के लिए वह मुझसे ही तनख्वाह लेते हैं!
एक हमसे हमारी उदासी नहीं पाई जाती,
और लोग यहां पर जिंदा लाशें छिपा लेते हैं!
गुजारना पड़ेगा तुमको भी राकेश के हालातों से,
ऐसे ही नहीं लोग बड़ी-बड़ी बातें बना लेते हैं!

16 

Share


R
Written by
Rakesh Berwal

Comments

SignIn to post a comment

Recommended blogs for you

Bluepad