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तुम ओझल
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Anuradha Dohare
23rd Jan, 2023

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तुम ओझल हुए
ऐसे
इन आंखों से
टूटी कोई डोर
जैसे
सांसों से।
दिन निकलता
रहा
सांझ ढलती
रही
इस भरे जहां
में बस
तुम्हारी कमी
खलती रही।
तुम जुदा हुए,
ऐसे
जैसे
टूटी कोई डाल
साखों से।

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Written by
Anuradha Dohare

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