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पंखुडिया गुलाब की
$hrikrushna's Chavan.
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25th Nov, 2022

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पंखुडिया गुलाब की,
पाणी कभी न मांगे।
टूट जाए डाली से तब
पाणी पाणी चिल्लाये।
जब पाणी उनको न मिल पाए,
बूंद बूंद वे तरस जाये।
मुरझाए हुए फिर सुखकर,
पंखुडिया बन बिगर जाए।
पंखुडिया गुलाब की

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