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BHARAT KOTKAR
BHARAT KOTKAR
23rd Nov, 2022

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सजा ए मौत भी दोगे तो मंजूर है
इश्क किया था क्या यही कसूर हैं
मय्यत पे हमारी देखने आवोगे हमें
आवोगे तो भी हम कैसे देख पायेगे तुम्हें
राख हो जाऊंगा पलभर में जलकर
किसी दर्या में चले जायेंगे बहकर
फिर ना हम होंगे ना हमारी आवाज
पुकारो हमे चाहें जितना ना मिलेगा कोई जवाब.....

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