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मनदीप
मनीषा शंकर कबाडे
23rd Nov, 2022

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🌹 ? कद्र ? 🌹
जाने के बाद भी शाहजहाँन ने ,
बनवाया यादों में एक वो ताज
लेकीन कद्र कहाँ जिंदो की, महल ,
हड्डीयों को नसीब नहीं, ये है आज .....
कवयित्री : मनिषा शंकर कबाडे.
जवळे- सांगोला

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मनीषा शंकर कबाडे

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