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बादलों का घर ‘मेघालय’

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Siddharth Deshmukh
18th Jun, 2020

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‘मेघालय’ जिसका अर्थ उसके नाम से ही झलकता है। ‘मेघ’ जिसका अर्थ ही बादल होता है और आलय का अर्थ ‘घर’। अर्थात् मेघों का आलय यानी बादलों का घर। भारत के उत्तर-पूर्वी का यह राज्य मूलतः एक पहाड़ी राज्य है। राज्य का दक्षिणी छोर मयमनसिंह एवं सिलहट बांग्लादेशी विभागों से लगता है, पश्चिमी ओर रंगपुर बांग्लादेशी भाग तथा उत्तर एवं पूर्वी ओर भारतीय राज्य असम से घिरा हुआ है। यहां का 70 प्रतिशत क्षेत्र वनों से घिरा हुआ है। इस कारण यहां वर्षा की अधिकता होती है। कहा भी जाता है कि पेड़ पौधे बादलों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यही कारण है कि मेघालय को सबसे ‘गीला’ राजय कहा जाता है।

मेघालय अपने सदाबहार मौसम के लिए विख्यात है। इसका कारण है कि इस राज्य का मौसम हमेशा खुशगवार बना रहता है। मेघालय भारत का आर्द्रतम क्षेत्र है जहां वार्षिक औसत वर्षा 1200 से.मी. तक होती है जिसके कारण यह राज्य देश को सबसे ‘गीला’ राज्य कहा जाता है । राज्य में मेघालय उपोष्णकटिबंधीय वन पर्यावरण क्षेत्रों का विस्तार है। बारिश की अधिकता होने के कारण यहां के पेड़ पौधे हमेशा हरे भरे रहते हैं। चारों ओर हमेशा हरियाली छाई रहती है। यहां धूल कणों का कहीं नामों निशान नहीं होता।

मेघायल राज्य के कई शहर भी अपनी अप्रतिम सुदरंता के लिए विख्यात हैं। मेघालय की राजधानी शिलांग है। भारत के पूर्वोत्तर में बसा शिलांग हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहा है। इसे भारत के पूरब का स्कॉटलैण्ड भी कहा जाता है। पहाड़ियों पर बसा छोटा और खूबसूरत शहर पहले असम की राजधानी था। असम के विभाजन के बाद मेघालय बना और शिलांग वहां की राजधानी। लगभग 1695 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस शहर में मौसम हमेशा खुशगवार बना रहता है। मानसून के दौरान जब यहां बारिश होती है, तो पूरे शहर की खूबसूरती और निखर जाती है और शिलांग के चारों तरफ के झरने जीवंत हो उठते है।

चेरापुंजी भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय का एक शहर है। यह शिलांग से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह दुनिया भर में मशहूर है। इसका नाम चेरापूंजी से बदलकर सोहरा रख दिया गया है। वास्तव में स्थानीय लोग इसे सोहरा नाम से ही जानते हैं। मेघालय का यह क्षेत्र सर्वाधिक बारिश के लिए जाना जाता है। इसके नजदीक ही नोहकालीकाई झरना है, जिसे पर्यटक जरूर देखने जाते हैं। यहां कई गुफा भी हैं, जिनमें से कुछ कई किलोमीटर लम्बी हैं। चेरापूंजी बांगलादेश सीमा से काफी करीब है, इसलिए यहां से बांगलादेश को भी देखा जा सकता है। इस शहर ने एक कैलेंडर महीने में सर्वाधिक बारिश का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

मेघालय बुनियादी तौर पर कृषि प्रधान राज्य है। यहां की लगभग 80 प्रतिशत जनसंख्या आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती-बाड़ी पर निर्भर है। यहां की मिट्टी और जलवायु बागवानी के अनुकूल होने के कारण बागवानी के विकास की यहां काफी क्षमता है। मेघालय सदाबहार वनों और झरनों के बेहतरीन दृश्यों और विशेष वनस्पति और जैव विविधता वाला राज्य है। आरक्षित वनों का प्रबंधन वन विभाग की कार्य योजना इकाई द्वारा वनों के लिए तैयार किये गए कार्य-योजना के तहत किया जा रहा है।

आजकल चारों  और धूलकणों के कारण वायु प्रदूषण की समस्याएं होती हैं। ‘ग्लोबल वार्मिंग’ के कारण बारिश की संभावनाए बहुत हीं कम होती है। ऐसी स्थिति में मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता मानों लोगों को बरबस हीं अपनी ओर खींचता है।

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Siddharth Deshmukh

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