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Sapna parmar
16th Jun, 2020

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मैं सीने मे लिये आग ,आगे बढ़ा जाता हूं ,
मैं सैनिक हूं ,देश के लिये आगे बढ़ा जाता हूं
मैं जंग में ,घर को भी भूल जाता हूं
मैं सैनिक हूं ,आगे बढ़ा जाता हूं
माँ की पुकार भी कंहाँ मुझे खींच पाती हैँ
बचपन की लोरीया भी भूल जाता हूं
हाथ में लिये हतियार ,में हौसला बढ़ाता हूं
भारत माँ के लिये ,नतमस्तक हो जाता हूं
सैनिक हूं वोही ,
आप में से ही चुना जाता हूं
मैं घर को भूल जाता हूं और आगे बढ़ा जाता हूं
गर्व तो चूड़ियाँ ,भी करती होगी उसकी
जिसकी बोली में ,अब मेरी कमी होगी
भरती जो मांग मेरे नाम की होगी
मैं उसी गर्व पर मिटे जाते हूं
सैनिक हूं मै ,देश पर मिटे जाता हूं
तुझसे मैं बस एक बात छुपाता हूं
कि तुझसे ज्यादा मैं ,देश को चाहता हूं
सैनिक हूं ,बस येही हौसला लिये जी जाता हूं
वतन पर मैं अक्सर वारा जाता हूं
भूल जाता हूं ,बचपन का वो भी  किस्सा
जिस बात पर माँ से मार खाता था
परेशान करने में छोटे ,भाई बहन को कितना मजा आता था
मैं बचपन को भी भूल जाता हूं ,जब जंग पर जाता हूं
कि पापा के लिये रात भर जाग के गुजार जाता था
उनके प्यार को  भी  ,दिल मैं सजाये जाता हूं
कि पापा को चाहता कितना था ,मैं येभी भूल जाता हूं
मैं सैनिक हूं ,जंग में हर रिश्ता भूल जाता हूं
बच्चों के प्यार को अपने ,मैं बस महसूस ही कर पाता हूं
अपने बचपन को फिर याद कर मुस्कुराता हूं ,
मैं सैनिक हूं ,पर जंग में फिर भी आगे बढे जाता हूं
देश को सर्वोपरि ,मैं ही कहे जाता हूं
और वतन भरोसे ,परिवार मेरा जंग में छोड़े जाता हूं
मैं सैनिक हूं ,फिर भी कँहा रुक पाता हूं
मैं दिल में लिये आग बस आगे बढ़ जाता हूं
जानता हूं कल नाज़ तो ,सबको मुझ पर होगा
शहीद हुआ ,हूं वतन पर ,हर कोई कहेगा
नामोनिशां ना रहे चाहे मेरा ,पर वतन तो आबाद रहेगा
कंही माँ की पुकार ,तो बीवी की चूड़ी का सुनापन
किसी को तो खलेगा
सैनिक था वो ,ये सारा देश कहेगा
मैं जंग में ,खुद नहीं एक परिवार लिये जाता हूं
जिसे चाहता ,हूं सबसे ज्यादा
उसे दिल में दफन कर जाता हूं
मैं सैनिक हूं ,पर दिल मे आग लिये जाता हूं
रिश्तो के भंवर से तो तभी आज़ाद हो जाता हूं
जब मुश्किल में मेरे वतन को पाता हूं
सैनिक हूं हर जंग में दिल को भूल जाता हूं
कभी माँ ,कभी बीवी ,तो बच्चे की पुकार को कंहाँ सुन पाता हूं
मैं तिरंगे को अपनी ,आन बान शान कहे जाता हूं
और तिरंगे पर लिपटा लौट आता हूं
कभी कभी उन वादों को भी भूल जाता हूं
जो शायद दिल से देकर आता हूं
मैं सैनिक हूं हर जंग में आगे बढे जाता हूं

जय हिन्द जय भारत
जय हिन्द की सैना

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Sapna parmar

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