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मनदिप
मनीषा शंकर कबाडे
5th Aug, 2022

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* नजर *०५/०७/२०२२
तेरी नजरे है जाती कहाँ ,
चलता है पता मुझे
मेरी नजर रहती वहाँ
नजरे है बताती मुझे ......
कवयित्री : मनिषा शंकर कबाडे
जवळे- सांगोला

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Written by
मनीषा शंकर कबाडे

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