Bluepad#system का मारा-सफाईवाला
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#system का मारा-सफाईवाला

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Rohit kumar
14th Jun, 2020

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आज भारत में lockdown को 40 दिन हो चुके थे,रमेश एक सफाई कर्मी है,जो सरकार द्वारा गरीबो के शोषण के लिए बनाई गयी ठेकादारी प्रथा में 6000 /- प्रतिमाह वेतन पर नालियों की सफाई व् गटर में डुबकी लगाता है |

प्रधानमंत्री ने जिस दिन उन जैसो को भी करोना का योद्धा बताया था,तो उसकी भी छाती चौड़ी हुई थी,पर ये सुरूर कुछ ही दिन में उड़ गया,जब उसको काम पर से आते जाते वक़्त कई बार वर्दी वालो की गन्दी गन्दी गलियां सुनने को मिली,उस वक़्त झाड़ू भी साथ होती थी पर वो भूल गया था की उन जैसो को इज्ज़त सिर्फ भाषण में ही मिलती है....खैर ये सब तो इन जैसो के साथ होता ही रहता है,वर्षो से झेल रहे हैं जो अब आदत बन चुका है |

आज महीने से पाँच दिन ऊपर हो चुके थे,रमेश पैसो के लिए कई बार ठेकेदार से कह चुका था,पर ठेकेदार ऊपर से पैसा न मिलना का बहाना बनाकर हर बार उसे दुत्कार रहा था ,एक तो पूरे दिन की जी तोड़ मेहनत करके,गलत रवैया बर्दास्त करो उसके बाद पैसो के लिए ऐसे कहना पड़ता था जैसे कर्ज मांग रहे हो पर नाराजगी दिखाने की उसकी औकात नही थी - काम छोडता तो पूरा वेतन मारा जाता और फिर बाद में काम मिलता भी नहीं , घर में उसकी बीमार माँ ,पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं,उसके साथ उसकी पत्नी भी घरो में काम करके घर खर्च चलाती थी पर महामारी के चलते उसका काम बंद हो गया था और अमीर बिन काम के पैसे नही देते,घर में रखे पैसो से बमुश्किल २-३ दिन का खर्च ही चल सकता था |

अपना काम निपटाके अब वो हर रोज रिहायशी कालोनियों की तरफ बढ़ जाता और उनके घरो के शोचालय की सफाई करवाने के लिये गुजारिश करता,पर इस वक़्त कौन ही काम देता,और फिर शराब की दुकाने खुलने के बाद ये बाद आम हो चली की उस जैसे फटीचर लोगो को मुर्ख बनाकर उनसे पैसे ऐंठ कर खूब नशा कर रहे हैं,ऐसी कई विडियो वो समाचार चैनल पर देख चुके थे,तो काम तो मिलता नही था मदद मांगने पर बेज्जत भी होता था,हारकर घर बैठ गया,अगले दिन एक संस्था के बारे पता चला जो गरीबो को राशन मोहैया करा रही थी..!!

अब हर तीसरे दिन वह भी वहां जाकर राशन लेने लगा,उसका और परिवार का गुजारे भर के लिए पेट तो भर ही जाता था ,जीवन की गाड़ी अब इसी तरह चल रही थी घर में रखा पैसा पूरी तरह खर्च हो चुका था,दवाई न मिलने के कारण माँ की हालत दिन पे दिन गिरती जा रही थी,पत्नी बच्चो की दैनिक जरुरतो का सामान खत्म हो चुका था ,अब बस किसी तरह खुद को समझा रहा था की lockdown जल्द खुलेगा और सबकुछ ठीक हो जायेगा......ये सब सोचते सोचते घर से बाहर निकल कर बैठ गया की अचानक कुछ फूलो की पंखुरी उसके ऊपर आकर गिरने लगीं...पूछने पर पता चला की प्रधानमंत्री जी ने उन जैसे सफाई वालो के सम्मान में हवाई जहाज से फूलों की वर्षा करवाई है ।

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