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गांव
संतोष
24th Jun, 2022

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  • आ लौट चले फिर से, उस गांव की बस्ती में।
  • जहां कोई गैर नही,सब जीते मस्ती में।
  • आ लौट चले फिर से --------
  • जहां आज भी मतलब है,इस दुनिया दारी से।
  • जहां यकीं है,आज भी उतना ही दोस्ती और यारी में।
  • चल फिर से सैर करें,वो नदी की कस्ती में।
  • आ लौट चले फिर से ---------
  • कुछ अधिक है भेद नहीं,इस धनी गरीबी में।
  • कुछ अंतर खाश नहीं, मूर्खों बुद्धिजीवी में।
  • हम झूठे सान किए,इस दौलत हस्ती में।
  • आ लौट चले फिर से --------

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संतोष

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