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🤘विश्वास 🤘
vicky
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23rd Jun, 2022

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एक वैद जी थे, जिनका मकान भी बहुत पुराना था।वैद जी अपनी पत्नी को कहते कि जो तुम्हें चाहिए एक चिठ्ठी में लिख दो दुकान पर आकर पहले वह चिठ्ठी खोलते। सामान के भाव देखते, फिर ईश्वर से अराधना करते कि हे ईश्वर
मैं केवल तेरे ही हुक्म से तेरी पूजा छोड़कर यहाँ दुनिया में आ बैठा हूँ।
तू मेरी आज की व्यवस्था कर देगा। उसी समय यहाँ से उठ जाऊँगा और फिर कभी सुबह साढ़े नौ, कभी दस बजे वैद जी रोगियों की दवा देकर कर वापस अपने गांव चले जाते।
एक दिन वैद जी ने दुकान खोली।फिर चिठ्ठी खोली तो देखते ही रह गए।
एक बार तो उनका मन भटक गया। उन्हें अपनी आँखों के सामने तारे चमकते हुए नजर आ गए लेकिन जल्द ही उन्होंने अपने मन पर काबू पा लिया
आटे दाल चावल आदि के बाद बेगम ने लिखा था, बेटी के दहेज का सामान लाना है जी,कुछ देर सोचते रहे फिर बाकी चीजों की कीमत लिखने के बाद दहेज के सामने लिखा यह काम ईश्वर का है, ईश्वर ही जाने
एक दो मरीज आए थे उन्हें वैद जी दवाई दे रहे थे
इसी दौरान एक बड़ी सी कार उनके दुकान के सामने आकर रुकी
दोनों मरीज दवाई लेकर चले गए। वह साहब कार से बाहर निकले और नमस्ते करके बैंच पर बैठ गए।वैद जी ने कहा कि अगर आपनेअपने लिए दवा लेनी है तो आपकी नाड़ी देख लूँ,वैद जी मुझे लगता है आपने मुझे पहचाना नहीं
मैं 15-16 साल बाद आप की दुकान पर आया हूँ
आप को पिछली मुलाकात की बात सुनाता हूँ फिर शायद आपको सारी बात याद आ जाएगी
वैद जी मैं 5,6 साल से इंग्लैंड में रहता हूँ इंग्लैंड जाने से पहले मेरी शादी हो गई थी लेकिन अब तक बच्चा नह़ीं हुआ।यहाँ भी इलाज किया और इंग्लैंड में भी करवाया लेकिन हमारी किस्मत में शायद बच्चा नहीं था आपने कहा, मेरे भाई! तौबा करो और अपने ईश्वर से निराश ना हो
याद रखो उसके खज़ाने में किसी चीज़ की कोई कमी नहीं है औलाद, माल, धन दौलत और खुशी ग़मी जीवन मृत्यु सब कुछ उसी के हाथ में है।
किसी हकीम या डॉक्टर के हाथ में कुछ भी नहीं है अगर औलाद होनी है तो ईश्वर के हुक्म से ही होनी है औलाद देनी है तो उसी ने देनी है मुझे याद है आप बातें करते जा रहे थे और साथ साथ, पुड़ियाँ भी बना रहे थे फिर आपने मुझसे पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है मैंने अपना नाम बताया आपने एक लिफाफे पर मेरा और दूसरे पर पत्नी का नाम लिखा फिर दवा लेने का तरीका बताया,लेकिन जब मैंने पूछा कितने पैसे? आपने कहा बस ठीक है मैंने जोर डाला, तो आपने कहा कि आज का खाता बंद हो गया है।
मैंने कहा मुझे आपकी बात समझ नहीं आई।
किसी ने कहा,भाई आज के घर खर्च के लिए जितनी रकम वैद जी ने ईश्वर से मांगी थी वह ईश्वर ने इनको दे दी है।
अधिक पैसे वे नहीं ले सकते मैं बहुत हैरान हुआ और शर्मिंदा भी हुआ कि मेरे कितने घटिया विचार थे और यह वैद जी कितना महान व्यक्ति है।मैंने जब घर जा कर बीवी को दवा दिखाई और सारी बात बताई तो उसके मुँह से निकला वो इंसान नहीं कोई फरिश्ता है और उसकी दी हुई दवा हमारे मन की इच्छा ज़रूर पूरी करेगी जी।
वैद जी आज मेरे घर में तीन बच्चे हैं।हम मियाँ बीवी हर समय आपके लिए दुआयें करते हैं।जब भारत छुट्टी में आया कार उधर रोकी लेकिन दुकान को बंद पाया कल दोपहर भी आया था दुकान बंद थी एक आदमी पास ही खड़ा हुआ था उसने कहा कि अगर आप वैद जी से मिलना है तो सुबह 9 बजे अवश्य पहुंच जाएं वरना उनके मिलने की कोई गारंटी नहीं इसलिए आज सवेरे सवेरे आपके पास आया हूँ।
हकीम साहब हमारा सारा परिवार इंग्लैंड में बस चुका है। केवल एक विधवा बहन अपनी बेटी के साथ यहाँ रहती है।
हमारी भांजी की शादी इस महीने की 21 तारीख को होनी थी। इस भांजी की शादी का सारा खर्च मैं अपने ज़िम्मा लिया था। 10 दिन पहले इसी कार में उसे मैंने अपने रिश्तेदारों के पास भेजा कि शादी के लिए जो चीज़ चाहे खरीद ले।उसे शहर जाते ही बुखार हो गया लेकिन उसने किसी को नहीं बताया। बुखार की दवा खाती रही और बाजारों में फिरती रही। बाजार में फिरते फिरते अचानक बेहोश होकर गिरी। उसे अस्पताल ले गए वह बेचारी इस दुनिया से चली गयी
इसके मरते ही न जाने क्यों मुझे और मेरी पत्नी को आपकी बेटी का ख्याल आया। हम ने और हमारे सभी परिवार ने फैसला किया है कि हम अपनी भांजी के सभी दहेज का साज़-सामान आपके यहाँ पहुँचा देंगे।
शादी जल्दी है तो इन्तज़ाम खुद करेंगे और अगर अभी कुछ देर है तो सभी खर्चों के लिए पैसा आप को नकदी पहुंचा देंगे। आप कृपा करके मना मत करना
अपना घर दिखा दें ताकि सारा सामान वहाँ पहुंचाया जा सके।
वैद जी हैरान-परेशान हुए बोले देव साहब आप जो कुछ कह रहे हैं मुझे समझ नहीं आ रहा, मेरा इतना मन नहीं है। मैं तो आज सुबह जब पत्नी के हाथ की लिखी हुई चिठ्ठी यहाँ आकर खोलकर देखा तो मिर्च मसाला के बाद जब मैंने ये शब्द पढ़े 'बेटी के दहेज का सामान 'तो आप को पता है मैंने क्या लिखा। आप खुद यह चिठ्ठी जरा देखें। देव साहब यह देखकर हैरान रह गए कि बेटी के दहेज के सामने लिखा हुआ था यह काम भगवान का हे, भगवान जाने
साहब, यकीन करो आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ था कि पत्नी ने चिठ्ठी पर बात लिखी हो और भगवान ने उसका उसी दिन व्यवस्था न कर दिया हो
वाह ईश्वर वाह। तू महान है आपकी भांजी की मौत का मुझे दुख है, अफसोस है लेकिन मैं भगवान की कुदरत से हैरान हूँ कि वे कैसे अपने काम दिखाता है वैद जी ने कहा जब से होश संभाला है, मैंने बस एक ही पाठ पढ़ा है शुक्र है, मेरे मालिक, तेरा शुक्र है
🙏🙏

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