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अकेला
रुणेश कदम
रुणेश कदम
23rd Jun, 2022

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अकेला ही चलना है तुझे,
ये ज़िन्दगी तेरा इम्तेहान हर मोड़ लेती है!
वरना अंधेरे में तो तेरी ख़ुदकी परछाई भी ,
तेरा साथ छोड़ देती है!

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रुणेश कदम
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