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डर के आगे जीत है

 मंजू ओमर
मंजू ओमर
8th Jun, 2020

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बच्चों को आगे बढाना हर परिस्थिति में उन्हें लड़ना सिखाना, उन्हें हर मुश्किल को पार करने की हिम्मत देना बहुत आवश्यक है , क्यों कि हम हर समय उनके साथ नहीं रह सकते। उन्हें अकेले दुकेले बाहर आना जाना पड़ता है । आजकल बेटियों के लिए माता पिता बहुत चिंतित रहते हैं ।बेटी बड़ी हो या छोटीउसके साथ ग़लत करने वाले कुछ नहीं देखते ।दो तीन साल की बचिचयां भी सुरक्षित नहीं है । सिर्फ बलात्कार हीं नहीं ग़लत तरीके से छूना देखना और ग़लत इशारे करना भी यौन शोषण के अन्तर्गत आता है ।आज रिस्तो पर विश्वास करना भी कठीन हों गया है पिता जिसके अंश से बेटियां पैदा होती है वहीं कभी कभी भक्षक बन जाता है । रक्षा करने वाला भाई भी कभी उसके डर का कारण बन जाता है ।साठ सत्तर साल का ससुर मौका पाते ही बहू का हाथ पकड़ लेते हैं ।कयी लोग नैतिक रूप से बहुत गिर चुके हैं ।और उसका खामियाजा बेटियों को भुगतना पड़ता है । बेटियों के आगे बढ़ने के राह में ऐसी घटनाएं बहुत बाधा उत्पन्न करती है । उन्हें पीछे धकेलती है ।सोशल मीडिया ने अब इन सबके विरूद्ध आवाज उठाने के लिए एक मंच दिया है । पिछले दिनों सोशल मीडिया पर भी टू , नामक एक अभियान चला, जिसमें लड़कियों और महिलाओं ने अपनी आपबीती बताई कि उनके साथ भी कभी न कभी यौन शोषण हुआं है । पहले लोग डरते थे लेकिन आज वे खुद के साथ हुई ऐसी घटनाओं के बारे में समाज को बता रहे हैं । आज एक मां भी अपने साथ हुई बरसों पुरानी एसी घटना को अपनी जवान बेटी के साथ साझा कर रहीं हैं । पहले बेटियां डरती थी अपने साथ हुई ऐसी घटना को अपने माता-पिता से बताती नहीं थी और वे सुनते भी नहीं थे ,पर आज वैसा डर नहीं है आज बेटियों के साथ मां बाप मिल कर इस लड़ाई को लड़ते हैं क्योंकि डर के आगे जीत है ।

मंजु ओमर
क्षांसी

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